New-Lucky-Restaurant ahemdabad zingag poster (2)

,

50 साल पुरानी चाय की दुकान, जहाँ आज भी कब्रों के बीच में बैठकर पी जाती है चाय!


बारिश के मौसम कहीं हरियाली के बीच या नदी के किनारे अगर चाय की चुस्की मिल जाये तो बात ही क्या है| पर ज़रा सोचिये की यही चाय अगर कब्रिस्तान में कब्रों के बीक में पीनी पड़े तो, सोच कर ही अजीब लगता है मगर आज हम आपको एक ऐसे रेस्टोरेंट के बारे में बतायेगे जहाँ लोग मुर्दों की कब्र के बीच में बैठकर बड़े आराम से चाय का मज़ा लेते है| जी हां, गुजरात के अहमदाबाद में स्थित द न्यू लकी रेस्टूरेंट को देखकर आप भी यह सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि ये रेस्टूरेंट है या फिर कब्रिस्तान|

New-Lucky-Restaurant ahemdabad zingag
via – indiatvnews

इस रेस्टोरेंट की बनावट इतनी अजीब है की यहाँ पर चाय पीने के लिए टेबल और कुर्सियां कब्रों के बीचों बींच लगाई गयी है| इस अनोखे अरेंजमेंट को देखने के लिए लोग दूर दूर से आते है| सिर्फ बुज़र्गो को नहीं बल्कि युवाओ में भी ये चाय की दूकान बड़ी लोकप्रिय है| यहां न सिर्फ देशभर से बल्कि विदेशों से भी कई लोग चाय पीने के लिए आते हैं|

क्या है इतिहास?

New-Lucky-Restaurant ahemdabad zingag
via- Amazing India Blog

पिछले 50 सालों से चले आरहे इस रेस्टोरेंट के पुराने ग्राहक बताते है की जब उन्होंने यहां आना शुरू किया था, तब सिर्फ चाय की एक छोटी सी दुकान हुआ करती थी| लोग कब्रों के आस-पास बैठकर आराम से चाय पी लिया करते थे| फिर समय के साथ आज ये अहमदाबाद की एक प्रसिद्ध चाय की दुकान है|

क्या है ख़ास बात इस रेस्टोरेंट की

New-Lucky-Restaurant ahemdabad 1
via – news zum

इस रेस्टूरेंट में कुल 26 कब्रें हैं, जिनकी देखभाल स्वयं रेस्टूरेंट का स्टाफ रखता हैं| स्टाफ के दिमाग में फ्लोर पर बने इन कब्रों के नक्शे ऐसे छपे हुए हैं कि वो आसानी से इन कब्रों के बीच से होते हुए ऑर्डर लेने के लिए टेबल तक पहुंच जाते हैं| कई लोग इन कब्रों वाले इस द न्यू लकी रेस्टूरेंट को अपने लिए भी लकी मानते हैं और कोई भी ज़रूरी काम करने से पहले यहां आकर चाय जरुर पीते हैं|

हुसैन साहब भी मुरीद रह चुके है इस चाय की दूकान के

New-Lucky-Restaurant ahemdabad m f hussain zingag
via- Zingag

एक जमाने में मशहूर पेंटर एमएफ हुसैन भी इस रेस्टोरेंट में अक्सर चाय पीने आया करते थे| इनके आने के बाद से ही इस चाय की दुकान को एक खास और अलग तरह की पहचान मिली| उन्हें यह जगह इतनी पसंद थी कि यहां बैठकर उन्होंने कई पेंटिंग्स भी बनाईं, जिनमें से कुछ पेंटिंग्स उन्होंने रेस्टूरेंट को बतौर तोहफे में दे दी| हम तो यही कहेंगे की अब जब भी अगली बार अहमदाबाद जाए तो यहाँ की चाय की चुस्की लेना मत भूलना|

ये आर्टिकल भी आपको जरुर पसंद आएगे…..

1. दिल्ली की ये कचरा बीनने वाली महिला है 400 श्वानों की माँ

2. बुर्के में पत्थर फेकने वाली कश्मीरी लड़की, केसे करती है कॉलेज बंक, देखे इस विडियो में

3. कभी सोचा है कि तिरुपति में बाल मुंडवाने के बाद क्‍या होता है इनका ?

loading...

What do you think?

576 points
Upvote Downvote

Total votes: 0

Upvotes: 0

Upvotes percentage: 0.000000%

Downvotes: 0

Downvotes percentage: 0.000000%