kuldeep yadav replacing ravindra jadeja in third test match

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क्या टेस्ट में जडेजा की कमी पूरी कर पायेंगे कुलदीप यादव? जाने अब तक का उनका सफ़र

भारत और श्रीलंका के बीच बेहद ही दमकेदार टेस्ट सीरीज चल रही है जिसका तीसरा टेस्ट मैच आज पल्लेकेल में खेला जा रहा है| भारतीय टीम दो मैच जीत कर आत्मविश्वास से लब्रेस है तो दूसरी तरफ श्रीलंका सीरीज गवा बैठा है जिसका लंका पर अतिरिक्त दबाव है| भारत इस मैच को जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप करना चाहेगा यदि ऐसा हुआ तो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा क्योकी श्रीलंका को अभी तक कोई भी टीम लगातार दो सीरीज श्रीलंका की धरती पर नही हरा पायी है| जड़ेजा का स्थान चाइना मेन कुलदीप यादव लेंगे| बता दे कि जडेजा पर ICC ने एक मैच का प्रतिबंध लगा दिया है जिसके चलते कुलदीप को मौका दिया गया है| महज 22 साल के इस कानपूर के गेंदबाज ने बहुत ही कम मैच खेल कर बल्लेबाजो पर धाक जमा ली है| चाइना मेन के नाम से जाने जाते है कुलदीप यादव जो की ऐसी रहस्यमय गेंद डालते है कि बल्लेबाज अपनी बेटिंग लाइन ही समझ नही पाता है|

kuldeep yadav replacing ravindra jadeja in third test match
via – espncricinfo

कुलदीप यादव का अब तक का क्रिकेट करियर

कुलदीप यादव के अभी तक के आंकड़े कुछ इस प्रकार है टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने केवल एक मैच ही खेला है, जिसमे उन्होंने चार विकेट चटकाए थे| उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अब तक 4/68 रहा है| वनडे क्रिकेट में वे पांच मैच खेल चुके है| जिसमे कुल आठ विकेट अपने नाम कर चुके है| उनका सर्वश्रेष्ठ वन डे प्रदर्शन 3/41 का रहा है| अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट सिर्फ एक मैच खेला है, जिसमे भी उन्होंने अपनी करिश्माई गेंद से केवल 34 रन देकर एक विकेट लिया था| प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुल 23 मैच ये खेल चुके है, जिसमे 85 विकेट लेकर नेशनल टीम में अपनी जगह पक्की करवा चुके है| बता दे, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में इनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/79 का है|

kuldeep yadav replacing ravindra jadeja in third test match
via – Hindustan Times

इससे पहले मार्च 2017 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने टेस्ट में पदार्पण किया था। कुलदीप ने उस मैच में जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट हासिल किये थे। कुलदीप टीम इंडिया के इकलौते चाइनमैन गेंदबाज हैं। इसके साथ ही उनकी गेंदबाजी की तेज धार उन्हें दूसरे गेंदबाजों से काफी अलग बनाती है। जब कुलदीप ने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी तब वो तेज गेंदबाज बनना चाहते थे। लेकिन उनके कोच कपिल पांडे ने उन्हें बाएं हाथ से गेंदबाजी के लिए तैयार किया। कुलदीप को शुरुआत में काफी परेशानी हुई, इस वजह से रोये भी थे। लेकिन बहुत जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि उन्हें इस क्षमता का वर्दान मिला है, लिहाजा वो चाइनामैन गेंदबाज बन गए।

विश्व क्रिकेट में चाइनमैन गेंदबाज शब्द 1930 में आया था और वेस्टइंडीज के एलिस अचोंग को पहला चाइनामैन गेंदबाज माना जाता है। अचोंग मूल रूप से चीन के रहने वाले थे और वो बाएं हाछ के स्पिनर थे। 1933 में इंग्लैंड के खिलाफ मेनचेस्टर में वाल्टर रॉबिन्स को उन्होंने ऐसी गेंद की जिसने सभी को चकित कर दिया था। एलिस ने कलाई के बल पर गेंद फेंकी जो दाएं हाथ के बल्लेबाज के ऑफ स्टंप पर पड़कर बाहर चली गई। जब रोबिन्स पवेलियन लौट रहे थे तब उन्होंने अंपायर से कहा ‘ब्लडी चाइनामैन ने शानदार गेंदबाजी की।’ यहीं से चाइनमैन शब्द प्रचलन में आया।

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