,

पूजा करते समय ये ख़ास बातें कभी ना भूले!

कभी ऐसा सोचा है की आप इतनी पूजा पाठ करते हो, मंदिर जाते हो, प्रसाद चढाते हो, नारियल फोड़ते हो, तथा अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए क्या-क्या उपाय कर लेते हो, लेकिन इन सब के बाद भी ये सब उपाय करने से भी कोई फल प्राप्त नहीं होता| आप कितनी ही बार दुखी होकर सोचते है की इतनी पूजा पाठ करने के बाद भी भगवान ने आपकी नहीं सुनी| लेकिन ऐसा आपके साथ क्यों होता है आपने इस बात पर कभी गौर भी नहीं किया होगा| बता दे की जैसे आप सोचते है, पूजा करना उतना आसान नहीं है| पूजा पाठ में भी बहुत से नियम होते है| पूजा-पाठ करते समय अगर हमसे कोई गलती हो जाती है तो उन गलतियों की सजा हमें जरुर मिलती है| इन गलतियों की वजह से देवी देवता हमसे रुष्ट हो जाते है तथा मनचाहा फल हमें प्राप्त नहीं होता है| इसिलए पूजा-पाठ करते समय इन बातों का ध्यान रहे और कोशिष करें की आपसे गलतिया नहीं होनी चाहिए|

पूजा पाठ करते समय इन बातों का रखे ख्याल

rules-to-worship-right
via – Pinterest

मंदिर जाते समय या पूजा करते समय हमेशा स्नान करके व साफ़ सुथरे कपडे पहनकर ही पूजा करे| पूजा पाठ करते समय मुह से अपशब्द नहीं बोलना चाहिए, पूजा-पाठ करते समय इधर-उधर की बातो को ध्यान में न रख कर, अपना सारा ध्यान पूजा पाठ पर ही केन्द्रित करे, पूजा करते समय अपना शरीर तन-मन शुद्ध रखे| पूजा करते समय थूकना, छीकना, उबासी लेना, आलस्य करना सख्त मना है, लेकिन अगर आपको पूजा करते समय छींक या खासी आ भी जाए तो आप अपना हाथ धोकर पुनः पूजा में बैठ सकते है| पूजा पाठ करते समय आप पूजा में एक दम स्वच्छ मन से बैठे, आपके मन में किसी भी प्रकार का क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष आदि की भावना ना हो|

अगर आप रोज पूजा करते हैं और आपका मन अशांत रहता है तो इसका मतलब है कि आप कि पूजा-पाठ में कहीं कुछ गलत हो रहा है| मन की शांति और जिस भी मनोकामना से पूजा की जा रही है, उसकी पूर्ति के लिए परे विधान से पूजा का किया जाना जरूरी है|

पूजा के दौरान किन बातों का ध्यान रखें और कुछ जरूरी नियमों का पालन कैसे करें…

rules to worship right zingag
via- khabardekho

1. शिवजी, गणेशजी और भैरवजी को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए|
2. तुलसी का पत्ता बिना स्नान किए नहीं तोड़ना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना नहाए ही तुलसी के पत्तों को तोड़ता है तो पूजन में ऐसे पत्ते भगवान द्वारा स्वीकार नहीं किए जाते हैं|
3. तुलसी के पत्तों को 11 दिनों तक बासी नहीं माना जाता है. इसकी पत्तियों पर हर रोज जल छिड़कर पुन: भगवान को अर्पित किया जा सकता है|
4. रविवार, एकादशी, द्वादशी, संक्रान्ति तथा संध्या काल में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए|
5. सूर्य देव को शंख के जल से अर्घ्य नहीं देना चाहिए|
6. सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव और विष्णु , ये पंचदेव कहलाते हैं, इनकी पूजा सभी कार्यों में अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए. प्रतिदिन पूजन करते समय इन पंचदेव का ध्यान करना चाहिए. इससे लक्ष्मी कृपा और समृद्धि प्राप्त होती है|
7. मां दुर्गा को दूर्वा (एक प्रकार की घास) नहीं चढ़ानी चाहिए| यह गणेशजी को विशेष रूप से अर्पित की जाती है|
8. दूर्वा (एक प्रकार की घास) रविवार को नहीं तोडऩी चाहिए|
9. बुधवार और रविवार को पीपल के वृक्ष में जल अर्पित नहीं करना चाहिए|
10. प्लास्टिक की बोतल में या किसी अपवित्र धातु के बर्तन में गंगाजल नहीं रखना चाहिए| अपवित्र धातु जैसे एल्युमिनियम और लोहे से बने बर्तन. गंगाजल तांबे के बर्तन में रखना शुभ रहता है|
11. केतकी का फूल शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए|
12. किसी भी पूजा में मनोकामना की सफलता के लिए दक्षिणा अवश्य चढ़ानी चाहिए|
13. मां लक्ष्मी को विशेष रूप से कमल का फूल अर्पित किया जाता है| इस फूल को पांच दिनों तक जल छिड़क कर पुन: चढ़ा सकते हैं|
14. हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी दीपक से दीपक नहीं जलाना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति दीपक से दीपक जलाते हैं, वे रोगी होते हैं|
15. घर के मंदिर में सुबह एवं शाम को दीपक अवश्य जलाएं. एक दीपक घी का और एक दीपक तेल का जलाना चाहिए|

loading...

What do you think?

576 points
Upvote Downvote

Total votes: 0

Upvotes: 0

Upvotes percentage: 0.000000%

Downvotes: 0

Downvotes percentage: 0.000000%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *