why shopping inauspicious during shradh paksh

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क्या आप जानते है श्राद्धपक्ष में कपड़े, सोना-चांदी, घर आदि ख़रीदना अशुभ क्यों होता है?

श्रावण मास के बाद भादव पक्ष में ठीक गणेश चतुर्थी के बाद और नवरात्री के बीच की समय अवधि जो की 14 दिनों की होती है उसे हिन्दू समाज में एक महा पर्व की तरह मनाया जाता है। हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक श्राद्ध पक्ष मनाया जाता है। श्राद्ध पक्ष को पितृ पक्ष भी कहा जाता है। श्राद्ध के इन 14 दिनों में हिन्दू लोग अपने पूर्वजों को याद करते है और उनकी पूजा अर्चना कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित करते है| अभी ये 6 सितम्बर से लेकर 19 सितम्बर तक हैं|
कहते है कि इस समय हमारे पूर्वज धरती पर हमसे मिलने आते हैं और हमें अपना आशीर्वाद देते हैं|  लेकिन श्राद्धपक्ष को लेकर कई बाते सदियों से कही जाती रही है जैसे  पितृपक्ष अशुभ होता है और इसलिए  इस समय कोई भी शुभ कार्य करना उचित नहीं माना जाता, यहाँ तक कि कोई भी नई चीज़ जैसे घर, कपड़े, सोना आदि खरीदने के लिए भी मना किया  जाता है,  ब्रह्मचर्य का पालन करना और  मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए आदि| मगर क्यों क्या आप ये जानते हैं?
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via – Rockingbaba

जानिए क्या है अलग अलग मान्यताये!

#1  अलग अलग विद्वानों और पंडितों द्वारा इसके  कई कारण बताये गए है कुछ के अनुसार ये १४ दिन अपने पूर्वजों को याद करने के लिए होते है ऐसे में  यदि आप नई सामग्री, वास्तु या काम शुरू करते है तो ये आपका ध्यान उस पूजा से भटका सकते है| ऐसे में आपके पूर्वज इस बात ने नाराज़ हो सकते है
#2  एक मान्यता ये भी है की श्राद्धपक्ष में खरीदी गयी कोई भी नई चीज़ पित्रों को समर्पित होती है ऐसे में हम उन्हें उपयोग में नहीं ला सकते क्युकी उनमे आत्माओं का अंश रहते है| ऐसे में हम हमारे पूर्वजो की आत्माओ को ठेस पंहुचा सकते है क्योंक‌ि प‌ितृपक्ष उत्सव का नहीं, बल्क‌ि एक तरह से शोक व्यक्त करने का समय होता है उनके प्रत‌ि जो अब हमारे बीच नहीं रहे|

क्या कहते है धार्मिक शास्त्र 

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via – Rockingbaba
लेकिन अगर शास्त्रों की मानें तो ऐसा कहीं भी नहीं लिखा है कि श्राद्ध पक्ष में खरीदारी नहीं करनी चाहिए|  कुछ विद्वानों का मानना है कि श्राद्ध पक्ष अशुभ नहीं होता है|  ऐसा इसलिए क्योंकि गणेश चतुर्थी और नवरात्र के बीच का जो समय होता है, उसमें पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष आते हैं|  तो ये अशुभ कैसे हो सकते हैं? और हिन्दू धर्म में ये भी मान्यता है कि किसी भी शुभ काम का आरम्भ गणेश पूजन से की जाती है, और श्राद्ध से पहले ही गणेश जी का पूजन होता है गणेश चतुर्थी के रूप में|  इस लिहाज से मानें तो श्राद्ध पक्ष अशुभ नहीं होते|
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via – Punjab Kesari

पितृ पृथ्वी पर आते हैं और देखते हैं कि उनके बच्चे किस स्थिति में हैं|  अगर उनके बच्चे कोई चीज़ खरीदते हैं, तो पितरों को खुशी ही होती है|  लेकिन अगर आप अपनी खुशियों के साथ-साथ पितरों का भी ध्यान करते हैं, तो श्राद्ध पक्ष में किसी भी तरह की शॉपिंग करने में कोई बुराई नहीं है|

 

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